मठरी भारत की पारंपरिक नमकीन डिश है, जो खासतौर पर उत्तर भारत में बनाई जाती है। इस वर्जन में मूंग दाल को पीसकर मैदा के साथ मिलाया जाता है, जिससे इसमें खास स्वाद उभरकर आती है।
परतदार बनावट के लिए इसमें घी या तेल की मोयन और रोल-फोल कर लेयरिंग तकनीक का उपयोग किया जाता है। धीमी आँच पर तली हुई ये मठरी हफ्तों तक कुरकुरी रहती है।
सामग्री (Ingredients) –
- Soaked moong dal भीगी हुई मूंग दाल – 1 कप
- अदरक – 2 इंच टुकड़ा
- Refined Flour मैदा – 2 कप
- Salt to taste नमक स्वादानुसार
- Ajwain अजवाइन – 1 छोटी चम्मच
- Kasoori methi कसूरी मेथी – 1 छोटी चम्मच
- Red chilli powder लाल मिर्च पाउडर – 1 छोटी चम्मच
- Turmeric powder हल्दी पाउडर – 1 छोटी चम्मच
- Coriander powder धनिया पाउडर – 1 छोटी चम्मच
- Ghee or Oil घी या तेल – 3 बड़े चम्मच
बनाने की विधि –
मूंग दाल तैयार करें –
- मूंग दाल को 3–4 घंटे पानी में भिगो दें।
- फिर उसे पानी निकालकर मिक्सर में दो टुकड़े अदरक और थोड़ा पानी डालकर महीन पीस लें।

आटा गूंधें –
- एक बाउल में मैदा, मूंग दाल पेस्ट, नमक, अजवाइन, कसूरी मेथी, हल्दी और लाल मिर्च, धनिया पाउडर डालें।
- फिर इसमें घी या तेल का मोयन डालें।

- हथेलियों से मिलाकर देखें — मिश्रण मुट्ठी में दबाने पर आकार ले ले तो मोयन सही है।
- अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर टाइट (सख्त) आटा गूंध लें।

- आटे में थोड़ा सा तेल लगाकर चिकना करें और फिर ढककर 10 से 15 मिनट के लिए रख दें।
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लेयर तैयार करें –
- आटे की बराबर भागों में छोटी छोटी लोइयां बना लें।
- एक लोई को गोल आकार में बेलें, उस पर तेल या घी लगाएं।

- फिर चाकू से सीधे-सीधे चार से पांच लाइन पट्टी काटें।
- अब पट्टी को एक के ऊपर एक लगाकर रोल करें।

- इसे आधा मोड़े और फिर बीच में आधा चाकू से कटे जिससे परतें दिखें।

- सभी लोई का इसी तरह से मठरी बनाएं ताकि सुंदर परतें दिखें।

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मठरी तलें –
- कढ़ाही में तेल गरम करें (तेल बहुत गरम न हो)।
- मठरियों को मध्यम-धीमी आंच पर सुनहरी व खस्ता होने तक तलें।

- सभी तरफ से गोल्डन ब्राउन होने पर निकालें।
टिप्स –
- आटा हल्का सख्त ही रखें, नहीं तो मठरी तेल सोख लेगी।
- धीमी आँच पर तलना जरूरी है, वरना अंदर से कच्ची रह सकती है।
- पूरी तरह ठंडी होने के बाद ही एयरटाइट डिब्बे में रखें।
- ये मठरी 15–20 दिन तक कुरकुरी रहती है।



















































